Sunday, October 17, 2021

Korona महामारी के चलते PM Modi पर Lockdown का दबाव, अमेरिकी विशेषज्ञ ने भी कहा- तालाबंदी ही एकमात्र उपाय

कोरोना के महामारी में रोजाना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। पिछले 10 दिनों का हाल देखे तो रोजाना संक्रमितों की संख्या साढ़े तीन लाख के पार ही जा रही है और 24 घंटे में मरने वालों का सरकारी आंकड़ा 3400 के पार है।

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आपको जानकर हैरानी होगी कि अभी जिस आफत का सामना हम लोग कर रहे हैं अगर वक्त रहते इस पर काबू नहीं पाया गया तो इससे कई गुना खराब हालत हम देख सकते हैं। क्योंकि जानकारों का मानना है कि कोरोना की रफ्तार भारत में और भी कहर ढा सकती है। लिहाजा देश के तमाम राजनीतिक दलों के साथ साथ दूसरे एक्सपर्ट भी भारत को इससे बचाने के लिए संपूर्ण लॉक डाउन को एकमात्र उपाय बता रहे है। हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संपूर्ण लॉक डाउन के प्रस्ताव को खारिज करते रहे हैं लेकिन अब प्रधानमंत्री पर भी लॉक डाउन का दबाव साफ साफ दिखाई देने लगा है।

वैसे फिलहाल के दौर में अपने स्तर पर तमाम राज्य सरकारें लॉक डाउन का फैसला ले रहे हैं। लेकिन जानकार इसे तभी कारगर बता रहे हैं जब देश भर में एक साथ संपूर्ण लॉक डाउन हो। हालांकि भयावह स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट से लेकर बिहार और यूपी के उच्च न्यायालयों ने सरकार को जमकर फटकार लगाई है। बिहार में हाईकोर्ट के फटकार का ही नतीजा है कि नीतीश सरकार को भी आनन फानन में लॉक डाउन की घोषणा कर दी गई। अभी तक दिल्ली यूपी हरियाणा राजस्थान, ओडिशा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, में लॉक डाउन लग चुका है जबकि कई राज्यों में मिनी लॉक डाउन लगाया है।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संपूर्ण लॉक डाउन की मांग की है।

उन्होंने तंज और तल्ख लहजे में सुझाव देते हुए ट्वीट किया भारत सरकार समझ नहीं रही है। कोरोना के प्रसार को रोकने का एकमात्र उपाय सम्पूर्ण लॉक डाउन ही है। लेकिन समाज के कुछ तत्वों को न्याय योजना का लाभ देने के साथ भारत सरकार का ऐक्शन न लेना इस वक्त मासूम लोगों को मार रहा है।

आज भी ट्विटर पर राहुल गाँधी ने कोरोना के मद्देनजर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

ऐसा नहीं एक राजनीतिक विरोधी या फिर लोगों की गुहार पर अदालतें ही केन्द्र सरकार को फटकार लगा देंगे। बल्कि तमाम विशेषज्ञों ने भी भारत को महामारी से बचाने के लिए लोगों ने लॉक डाउन ही एक मात्र उपाय बताया है। दुनियाभर में मशहूर अमेरिकी संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी पाउची ने भी भारत के हालात पर चिंता जताई है। पाउची ने भी वर्तमान हालत से निबटने के लिए भारत को अल्प और दीर्घकालिक रणनीति पर काम करने का सुझाव दिया है। दीर्घकालिक मुहिम के तहत उन्होंने वैक्सीनेशन को युद्ध स्तर पर कराने और अल्पकालिक मित्रवत देश भर में संपूर्ण लॉक डाउन का सुझाव दिया है कि जिस तरह से मौतों के आंकड़े बढ़ रहे हैं और कोरोना का संक्रमण गांव गांव तक पहुंच चुका है।

ऐसे में संक्रमण की चेन को तोड़ना काफी जरूरी होगा। फिलहाल पहले से ही वेंटिलेटर पर पड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए सरकार तमाम जदोजहद कर रही है ऐसे में उसे एक और लॉक डाउन के चलते अर्थव्यवस्था के रसातल में जाने का खतरा मंडराने लगा है। लेकिन जानकारों की सलाह है कि अगर अभी कठोर फैसले नहीं लिए गए तो देश में न जान बचेगी और न ही जान। इस पूरे खबर पर आपकी क्या राय है। कमेंट सेक्शन हमें जरूर बताएं और देश दुनिया की अन्य बड़ी खबरों के लिए करें इंडिया नेटवर्क न्यूज़ के फेसबुक पेज पर जुड़े रहे।

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