हरिचंद्र गढ़ में उमड़ी भीड़ छुट्टियों के कारण लोग ले रहे हैं आनंद।

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हरिचंद्र गढ़ में उमड़ी भीड़ छुट्टियों के कारण लोग ले रहे हैं आनंद।

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में अहमदनगर जिले में और अकोला तालुका में हरिशचंद्रगड़ यह किला है। यहां पर आज यानी 26 जनवरी 2021 को काफी भीड़ देखी गई। आज गणतंत्र दिवस होने के कारण और कोरोना महामारी के बाद अब लोग जरा खुलकर घूमने लगे हैं। इस किले की अकोला से दूरी करीब 45 किलोमीटर है। हरिशचंद्रगड़ के ऊपर चढ़ने के लिए करीबन 2500 मीटर की दूरी है।

हरिशचंद्रगड़ यह किला पुणे ठाणे और अहमदनगर की सीमा पर है। सहयाद्रि कि यह एक श्रंखला है। समुद्र तल से हरिशचंद्रगड़ की ऊंचाई करीब 1424 मीटर ऊपर है। इस किले पर हरिचं,द्र तारामती और रोहिदास यह चोटिया है। कोरोना महामारी का डर लोगों के मन से अभी खत्म हो चुका है अभी लोग बिंदास तरीके से पर्वतों और चोटियों पर घूम रहे हैं।

इस किले पर जाने के लिए राजूर से करीबन 35 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। यहां पर पर्यटक मुंबई नासिक, परभणी से काफी मात्रा में आज किले की सैर करने के लिए आए थे। हरिचंद्र गढ़ पर जाने के बाद आपको कई आदिवासियों के होटल और नींबू शरबत के दुकान आपको दिखाई देंगे। इसके लिए पर जाने पर आप भगवान शिव जी का मंदिर, भगवान शंकर की पिंड जो कि पुरातन काल से पानी में है यह देख सकते हैं। यहां पर आप पुरातन लेनी भी देख सकते हैं।

हरिचंद्र गढ़ पर आपको कई तरह की जड़ी बूटियां देखने को मिलती है। यहां पर आदिवासी लोग पर्यटकों के सहारे पर ही अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जब भी ऐसी भीड़ भाड़ दिखती है तब वह अपनी दुकानें लगाते हैं और अपना गुजारा करते हैं। हरिशचंद्रगड़ पर आप रात्रि के समय भी रह सकते हैं। यहां पर आपको टेंट, खाना और जरूरतमंद चीजों की व्यवस्था यहां के नजदीकी गांव वाले करते हैं। और इस के लिए वह मामूली खर्च लेकर यह सुविधा देते हैं।

इतिहास की माने तो हरिशचंद्रगड़ काफी मशहूर है। हालांकि यह पर शिवरात्रि के समय बड़ा मेला लगता है। इसके अलावा शनिवार रविवार और छुट्टी के दिन भी पर्यटक यहां पर भगवान शिव जी के दर्शन के लिए आते हैं।

हरिचंद्र गढ़ के आसपास भंडारदरा डैम और कलसूबाई जैसे बड़े शिखर है। पर्यटक बारी बारी से किलो या फिर भंडारदरा डैम पर आते हैं। आने वाले दिनों में शिवरात्रि को हरी हरिशचंद्रगड़ पर मेला लगेगा और उस समय भी काफी भीड़ रहेगी ऐसा हरिचंद्र गढ़ के नजदीक के गांव वालों ने बताया।

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